स्पॉट फिक्सिंगः BCCI का दोषी क्रिकेटरों पर प्रतिबंध के बजाए जांच कराने का फैसला
चेन्नई, एजेंसीः बीसीसीआई ने स्पॉट फिक्सिंग में पकडे गए तीन क्रिकेटरों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की बजाए पूरे मामले की जांच कराने का फैसला लिया है। जांच का जिम्मा एंटी करप्शन यूनिट के प्रमुख रवि सवानी को सौंपा गया है। बीसीसीआई का दावा है कि रिपोर्ट के बाद ही दोषी क्रिकेटरों पर कार्रवाई की जाएगी। बीसीसीआई के मुताबिक उनके पास पकड़े गए तीन क्रिकेटरों के बारे में ही जानकारी है। बीसीसीआई ने दावा किया कि यदि क्रिकेटर दोषी पाए गए तो क्रिकेटरों पर आजीवन प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।
श्रीनिवासन ने कहा कि दिल्ली पुलिस को जांच में पूरी मदद की जाएगी। बीसीसीआई ने दिल्ली पुलिस से पूरे मामले की डिटेल्स भी मांगी है जिससे उनकी आंतरिक जांच में मदद मिल सकें। बैठक में एंटी करप्शन टीम के प्रमुख सहित बीसीसीआई के 28 पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक में क्रिकेट में हुई फिक्सिंग को लेकर भी चर्चा की गई।
बीसीसीआई अध्यक्ष श्रीनिवासन की अध्यक्षता में हुई यह बैठक करीब डेढ़ घंटे चली। बैठक में सचिव संजय जगदाले भी मौजूद थे। वहीं आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए बैठक में हिस्सा लिया है।
तेज गेंदबाज एस. श्रीसंथ, ऑलराउंडर अजित चंदीला और फिरकी गेंदबाज अंकित चव्हाण को दिल्ली पुलिस ने गुरूवार को स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। तीनों की गिरफ्तारी मुंबई से हुई थी। इनके अलावा 11 बुकी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी पांच दिन के रिमांड पर है। खिलाड़ियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए जिसमें यह भी शामिल है कि अंडरवर्ल्ड के नाम पर फिक्सिंग के लिए धमकाया गया है।












