अंगरेज ने फिक्स कराई भारत-पाकिस्तान की ‘जंग’…!
लंदन, एजेंसीः भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट रिश्तों को जोड़ने में इंग्लैंड का अहम रोल रहा है। इंग्लैंड ने दोहरी भूमिका निभाई जिस वजह से उपमहाद्वीप के ये दोनों देश एक बार फिर क्रिकेट खेलने के लिए राजी हुए है।
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड जाइल्स क्लार्क ने इस मामले में सबसे पहले पहल की थी। उन्होंने ही कोशिश कर दोनों देशों के बीच क्रिकेट रिश्तों में जमी बर्फ को पिघलाने में सेतु का काम किया। क्लार्क के अलावा दूसरी वजह इंग्लैंड के क्रिकेटरों का भारतीय दौर में बदलाव कर उसे दो भागों में बांटना रहा। इंग्लैंड के क्रिकेटर क्रिसमस पर घर लौटना चाहते है इस वजह से भारत और पाकिस्तान टीमों के लिए वनडे और टी20 मैचों के लिए खाली समय मिल पाया।
दरअसल, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जाका अशरफ अभी क्रिकेट की राजनीति में नए हैं। ऐसे में जाइल्स क्लार्क ने उन्हें जल्दबाजी न करते हुए सावधानी से कदम उठाने की सलाह दी थी। वहीं क्लार्क के बीसीसीआई प्रमुख एन. श्रीनिवासन से मजबूत रिश्ते सर्वविदित है। ऐसे में क्लार्क ने एशियन क्रिकेट के गलियारों में अपने मजबूत संबधों के जरिए दोनों देशों को करीब ला दिया।
भारत और पाकिस्तान के बीच आखरी बार 2007 में द्विपक्षीय सीरीज खेली गई थी। 2008 में मुंबई पर हुए आतंकी हमले के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ गई थी। हालांकि इंटरनेशनल टूर्नामेंट में दोनों टीम के बीच मुकाबले हुए लेकिन भारत किसी भी हाल में पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलने को राजी नहीं था।














